25 February, 2009

बाढ़ पर हंगामी बुकलेट

बिजनेस भास्‍कार के 'जनपथ-राजपथ' कॉलम में
छह अक्‍टूबर,2008 को छपी इस छोटी सी टिप्‍पणी पर इंटरनेट पर घूमते हुए नजर पडी-

'' बिहार- कोसी की बाढ़ पर एक पुस्तिका-बाढ़-2008-अनकही कहानी छपी है। इसके लेखक हैं-प्रमोद रंजन, मेधा पाटकर, सत्यकाम, प्रभात कुमार शांडिल्य और अष्टावक्र। पुस्तिका क्या छपी, सरकार की भौंहें तन गईं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन के सभी प्रमुख नेता पुस्तिका पर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। इसके मुख्य संकलनकर्ता प्रमोद रंजन से सरकार और उसके सलाहकार खासतौर पर कुपित हैं। पुस्तिका कुछ ज्यादा ही वाचाल है। पर इसकी कुछ पड़ताल ऐसी है, जिससे बाढ़ और बाढ़ पीड़ितों के प्रति सरकार के उदासीन और भेदभावपूर्ण रवैये की पोल खुलती है।''

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